शक्ति जो बाला ने दी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

तेरी नगरिया मन भा गयी।

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

तेरी नगरिया मन भा गयी,

तेरी नगरिया मन भा गयी॥

बाला में मन ये रमाना है,

बाला का ध्यान लगाना है,

जीवन सफल ये बनाना है,

तेरी शरण में ही आना है,

मेरे बाला सुनो,

अंजनी लाला सुनो,

बजरंगी सुनो,

मतवाले सुनो,

ओ मांगू ना तुझसे मैं हीरे दीरे,

भक्ति जो अब तेरी की रे की रे,

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

तेरी नगरिया मन भा गयी,

तेरी नगरिया मन भा गयी।

तू ही मेरे मन को भाता है,

जनम जनम का ये नाता है,

तू सबका भाग्यविधाता है,

तुझको ये सेवक मनाता है,

मेरी आँखों में तुम,

मेरी ख्वाबों में तुम,

मेरे जीवन में तुम,

मेरी धड़कन में तुम,

जीवन ये जितना है जी रे जी रे,

राम रमारस पी रे पी रे,

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

तेरी नगरिया मन भा गयी,

तेरी नगरिया मन भा गयी।

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

शक्ति जो बाला ने दी रे दी रे,

सालासर आया मैं धीरे धीरे,

तेरी नगरिया मन भा गयी,

तेरी नगरिया मन भा गयी.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।