नमो नमो शिवाय:

पारंपरिक
महादेव कथा शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नमो नमो शिवाय:

कितने भोले मेरे शिव है,

करते है कमाल शंकर,

नमो नमो शिवाय:

चले थे शंकर कथा सुनाने,

अमरनाथ का राज बताने,

पंच रतन को त्याग के अपने,

पार्वती को भेड़ बताने,

कथा को सुनकर अमर हो गया,

इक जोड़ा कबूतर का,

आज भी उड़ते अमरनाथ में,

रूप है गौरी शंकर का,

नमो नमो शिवाय:

नमो नमो नमो नमो

शिवाय: शिवाय:

विस्तार कर दिया जो लेख शिवा ने,

अमरनाथ की होवा पहाड़ी अरु गुफ़ा में,

दिव्या लोक की दिव्या दिशायें,

जपती रहती नमो शिवाय,

मृत धरती पर आके शिवा ने,

कल्याण कर दिया हम सबका,

नमो नमो नमो नमो

शिवाय: शिवाय:

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।