॥ पावन पाठ ॥
नमो नमो शिवाय:
कितने भोले मेरे शिव है,
करते है कमाल शंकर,
नमो नमो शिवाय:
चले थे शंकर कथा सुनाने,
अमरनाथ का राज बताने,
पंच रतन को त्याग के अपने,
पार्वती को भेड़ बताने,
कथा को सुनकर अमर हो गया,
इक जोड़ा कबूतर का,
आज भी उड़ते अमरनाथ में,
रूप है गौरी शंकर का,
नमो नमो शिवाय:
नमो नमो नमो नमो
शिवाय: शिवाय:
विस्तार कर दिया जो लेख शिवा ने,
अमरनाथ की होवा पहाड़ी अरु गुफ़ा में,
दिव्या लोक की दिव्या दिशायें,
जपती रहती नमो शिवाय,
मृत धरती पर आके शिवा ने,
कल्याण कर दिया हम सबका,
नमो नमो नमो नमो
शिवाय: शिवाय: