श्याम बता क्या देरी है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - हनुमान भरोसा तेरा है

संकट हर लो, बाहों में भर लो,

आओ दीनानाथ,

बता क्या देरी है,

श्याम बता क्या देरी है, श्याम बता क्या देरी है,

संकट हर लो, बाहों में भर लो,

आओ दीनानाथ,

बता क्या देरी है॥

आ जाओ अब आ जाओ, देर भला क्यों करते हैं,

बालक तेरे बिलखते हैं, ध्यान तेरा ही धरते हैं,

सिर पे उनके हाथ फिरा दो, कर दो बेड़ा पार,

बता क्या देरी है,

संकट हर लो, बाहों में भर लो,

आओ दीनानाथ,

बता क्या देरी है II

कैसा संकट आया, हर प्राणी घबराया है,

कैसी तेरी माया है, जग सारा भरमाया है,

अब तो अपने हाथ उठाओ, आन पड़ा तेरे द्वार,

बता क्या देरी है,

संकट हर लो, बाहों में भर लो,

आओ दीनानाथ,

बता क्या देरी है II

तेरे चाहने वालों को, और कोई दरकार नहीं,

तू ही सहारा है उनका, और कोई सरकार नहीं,

'मोनू' की बस यही है विनती, रख लो सब की लाज,

बता क्या देरी है,

संकट हर लो, बाहों में भर लो,

आओ दीनानाथ,

बता क्या देरी है II

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।