सब रस रंग भरे है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सब रस रंग भरे है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

दोहा सोरठा और चौपाई,

दोहा सोरठा और चौपाई,

रुचि रुचि छंद भरे है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

बाल कांड में बाल चरित है,

बाल कांड में बाल चरित है,

सिया संग ब्याह भयो है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

अवध कांड में संकट छाये,

अवध कांड में संकट छाये,

राम वनवास गए है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

अरण्य कांड में भरत मिलाप है,

अरण्य कांड में सिया हरण है,

भक्तन दरस दिये है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

किष्किंधा कांड में हनुमान मिलन हैं,

किष्किंधा कांड में बाली मरण हैं,

सुग्रीव मित्र भये है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

सुंदर कांड में है हनुमान लीला,

सुंदर कांड में लंका दहन है,

सीता जी खोज करि है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

लंका कांड में सत्य की जीत है,

लंका कांड में रावण मारो है,

विभीषण राजा बने है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

उत्तर कांड राम राजा बनें है,

उत्तरकांड रामराज आयो सुखदाई,

लव कुश जन्म भयो हैं,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

सब रस रंग भरे है,

रामायण जी में,

सब रस रंग भरे हैं।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।