कांवर उठाये तेरे द्वारे पे आये भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कांवर उठाये तेरे द्वारे पे आये भोले,

कांवर उठाये तेरे द्वारे पे आये भोले,

झूमे झुमाये तेरे नाम को गाये भोले,

झूमे झुमाये तेरे नाम को गाये भोले,

बम बम जय,

बम बम जय,

बम बम भोले,

भोले,

बम बम जय,

बम बम जय,

बम बम भोले,

भोले......-2

कांवर अनोखी कैसी सजाये,

चलते चले इन्हे रुकना ना भाए,

जाना वही

कांवर अनोखी कैसी सजाये,

चलते चले इन्हे रुकना ना भाए,

जाना वही

जाना वही जहाँ शिव का दर्श हो,

जाना वही जहाँ शिव का दर्श हो,

भोले के प्यारे भोले कहाये,

भोले के प्यारे भोले कहाये,

गंगाजल ई लिये मस्ती मनाये भोले,

गंगाजल ई लिये मस्ती मनाये भोले,

भूल के जग सारा तुम्हे रिझाये भोले,

भूल के जग सारा तुम्हे रिझाये भोले,

बम बम जय,

बम बम जय,

बम बम भोले,

भोले

बम बम जय,

बम बम जय,

बम बम भोले,

भोले..........

हाथों पे पावन गंगा का जल है,

कुछ तो नहीं बस प्यार का फल है,

भाव यही

हाथों पे पावन गंगा का जल है,

कुछ तो नहीं बस प्यार का फल है,

भाव यही

भाव यही इक तेरी झलक से,

सारे जनम का मिले सुफल है,

कांवर उठाये तेरे द्वारे पे आये भोले,

झूमे झुमाये तेरे नाम को गाये भोले,

बम बम जय,

बम बम जय,

बम बम भोले,

भोले,

बम बम जय,

बम बम जय,

बम बम भोले,

भोले......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।