मेरा लाख लाख प्रणाम गुरु जी तेरे चरणों में

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरु जी तेरे चरणों में,

गुरु जी तेरे चरणों में, दाता जी थारे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरु जी तेरे चरणों में॥

नाक बनी मुखड़े की शोभा,

कान बने सुन ज्ञान, गुरु जी तेरे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरुजी तेरे चरणों में॥

अखियों से करू दर्शन तेरा,

मुख से लू तेरा नाम, गुरु जी तेरे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरुजी तेरे चरणों में॥

पैर बने तीर्थ करने को,

हाथ से करू कुछ दान, गुरु जी तेरे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरुजी तेरे चरणों में॥

जिस घर में सत्संग है होता,

वो घर स्वर्ग सामान, गुरु जी तेरे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरुजी तेरे चरणों में॥

जिस घर में सत्संग ना होता,

वो घर नर्क सामान, गुरु जी तेरे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरुजी तेरे चरणों में॥

जो नर करता चुगली चोटी,

वो नर पशु समान, गुरु जी तेरे चरणों में,

मेरा लाख लाख प्रणाम गुरुजी तेरे चरणों में॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।