भोले तेरी लीला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी लीला, कितनी अनोखी,

भोले तेरी लीला, कितनी अनोखी,

किसी की भी समझ में आये ना,

कभी मंथन का विष पी जाये,

मुस्काके शंकर,

निराली है छवि भोले बाबा तेरी,

निराली है छवि भोले बाबा तेरी।।

हे नाथ हे शिव भोले,

कांवर तेरी हम लाये,

तुझको चढ़ाने को हम,

गंगा का जल भर लाये,

तेरे चरण छूके,

तेरी पूजा करके,

थाली में पुष्प सजा,

आरती तेरी करुँ,

बाबा जो वर दे,

मांगू मैं क्या मांगू।।

कोई भी इस दुनियाँ में,

लीला तेरी ना जानें,

कोई देव हो या प्राणी,

महादेव तुमको माने,

तेरी निराली शक्ति,

मैं तो करुँ तेरी भक्ति,

हे भोले नाथ मेरी,

पूजा स्वीकार करो,

बाबाजी मेरे, मोपे कृपा करो,

बाबाजी मेरे, मोपे कृपा करो।

भोले तेरी लीला, कितनी अनोखी,

भोले तेरी लीला, कितनी अनोखी,

किसी की भी समझ में आये ना,

कभी मंथन का विष पी जाये,

मुस्काके शंकर,

निराली है छवि भोले बाबा तेरी,

निराली है छवि भोले बाबा तेरी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।