जीवन की है नैया मझधार सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीवन की है नैया,

जीवन की है नैया, मझधार सांवरे,

अब सौंप दी है तुझको,

पतवार सांवरे।।

जीवन की है नैया....

संकटो से बाबा, तुम ही बचाते हो,

तुम ही बचाते हो,

साथ हर घड़ी बस, तुम ही निभाते हो,

तुम ही निभाते हो,

झूठे है रिश्ते नाते, परिवार सांवरे,

अब सौंप दी है तुझको,

पतवार सांवरे।

जीवन की है नैया....

झूठे इंसानो का, जग में गुजारा है,

जग में गुजारा है,

सच्चे इंसानो को, बस तेरे सहारा है,

बस तेरे सहारा है,

हाथ लगा के कर दे, भव पार सांवरे,

अब सौंप दी है तुझको,

पतवार सांवरे।

जीवन की है नैया....

जो दिल में बस जाए, मूरत तुम्हारी है,

मूरत तुम्हारी है,

नजरों से ना हो ओझल, सूरत तुम्हारी है,

सूरत तुम्हारी है,

कहता सूरज तेरी महिमा, है अपार सांवरे,

अब सौंप दी है तुझको,

पतवार सांवरे।

जीवन की है नैया,

जीवन की है नैया, मझधार साँवरे,

अब सौंप दी है तुझको,

पतवार सांवरे।

जीवन की है नैया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।