भोले भंडारी आओ अंगना हमारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे,

कार्तिक गणेश पार्वती को भी लाओ जी,

कार्तिक गणेश पार्वती को भी लाओ जी,

करुणा का...

हाँ करुणा का अमृत बरसाओ जी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे।

नमः शिवाय जप पूजा करुँगी,

नमः शिवाय जप पूजा करुँगी,

भांग धतूर बेलपत्र चढ़ाउंगी,

भांग धतूर बेलपत्र चढ़ाउंगी,

पार्वती...

हाँ पार्वती को सजाऊंगी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे।

बाघम्बर चोला संग नागों की माला,

बाघम्बर चोला संग नागों की माला,

पी लुंगी मैं शिव तेरे विष का प्याला,

पी लुंगी मैं शिव तेरे विष का प्याला,

गणपति...

हाँ गणपति को लड्डू खिलाऊंगी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे।

लाख जतन से तुझको बुलाऊंगी,

लाख जतन से तुझको बुलाऊंगी,

आने के बाद प्रभु जाने ना दूंगी,

आने के बाद प्रभु जाने ना दूंगी,

कार्तिक को....

हाँ कार्तिक को भी मैं मनाऊंगी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे।

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे,

भोले भंडारी महादेव जी,

आओ अंगना हमारे.............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।