आये जब संकट

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आये जब संकट बिलकुल तुम ना डोलो,

घेरे जब संकट बिलकुल तुम ना डोलो,

सच्चे शुद्ध भाव से नमः शिवाय बोलो,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर,

आये जब संकट बिलकुल तुम ना डोलो,

दुखो के तूफान में बिलकुल तुम ना डोलो,

श्रद्धा विश्वास से नमः शिवाय बोलो,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर।

बड़ा ही वो दयालु है, सुख का सागर है,

हर इंसान जग का युग युग से उसपे निर्भर है,

वो रहे साथ तो सब बलाये टल जाये,

खोयी खुशिया फिर से वापिस मिल जाये,

भक्ति की रोज़ सुधा ही तुम खोलो,

सच्चे शुद्ध भाव से नमः शिवाय बोलो,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर,

आये जब संकट बिलकुल तुम ना डोलो,

सच्चे शुद्ध भाव से नमः शिवाय बोलो,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर।

कोई जो मांगे सच्चे मन से वो ही मिलता है,

सारी सृष्टि पे हुकुम उसका ही चलता है,

उसके दर से कोई खाली कभी ना मुड़ता है,

दया सब पर ही हर घड़ी बड़ी ही करता है,

कभी तो खिड़की अपने तुम अंतरमन की खोलो,

सच्चे शुद्ध भाव से नमः शिवाय बोलो,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर,

आये जब संकट बिलकुल तुम ना डोलो,

सच्चे शुद्ध भाव से नमः शिवाय बोलो,

आये जब संकट बिलकुल तुम ना डोलो,

सच्चे शुद्ध भाव से नमः शिवाय बोलो,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर,

प्रभु चिंता को लेंगे हर,

तेरा कल्याण वो देंगे कर।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।