मुझे सेवा में अपनी लगा लीजिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आपकी महफ़िल आपके गीत,

आपका ही श्रृंगार करूँ,

जब तक नैनो के दीप जले,

आपका ही दीदार करूँ,

तेरा होक रहूँ जब तक मैं जीवूँ,

मुझे सेवा में अपनी लगा लीजिए,

ओ मेरे सांवरे, ओ मेरे सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी को ऐसे सजा दीजिये

ओ मेरे सांवरे, ओ मेरे सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी को ऐसे सजा दीजिये।

ना ही किसी से बैर रहे,

ना ही किसी से तक़रार करूँ......-2

लब पे सदा मुस्कान रहे,

हर दिल से मैं प्यार करूँ,

दीपक सा जलूं तेरे पथ पे चलूँ,

प्रभु मुझको भी प्रेम सिखा दीजिये,

ओ मेरे सांवरे, ओ मेरे सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी को ऐसे सजा दीजिये।

चाहे ख़ुशी हो चाहे हो गम,

हर पल तू मेरे पास रहे.....-2

तेरा ही सुमिरन करता रहूँ,

जब तक साँसों में साँस रहे,

मर भी जाऊं अगर छूटे ना तेरा दर,

सोनू कहे चरणों में जगह दीजिए,

ओ मेरे सांवरे, ओ मेरे सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी को ऐसे सजा दीजिये.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।