तेरा मेरा श्याम रिश्ता है कैसा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रिश्तों की ये डोरी नाज़ुक होती है,

फूलों की पंखुड़ियों जैसे होती है,

फूलों से श्याम, फूलों से श्याम,

फूलों से श्याम इस बगिया को,

अब तुमको सजाना है,

मेरे श्याम अब तुमको सजाना है,

तेरा मेरा श्याम रिश्ता है कैसा,

दुनिया को बताना है,

मेरे श्याम दुनिया को बताना है।

तेरा मेरा साथ कभी ये छूटे ना,

प्रेम की डोरी कभी ये टूटे ना,

चरणों में श्याम, चरणों में श्याम,

चरणों में श्याम तेरे ये जीवन,

अब मुझको बिताना है,

मेरे श्याम अब मुझको बिताना है

तेरा मेरा श्याम रिश्ता है कैसा,

दुनिया को बताना है,

मेरे श्याम दुनिया को बताना है।

आँखों के आंसू में तुम ही बहते हो,

दिल में मेरे श्याम तुम्ही तो रहते हो,

जब तक है जान, जब तक है जान,

जब तक है जान भजनो को,

तेरे मुझको गुनगुनाना है,

मेरे श्याम मुझको गुनगुनाना है,

तेरा मेरा श्याम रिश्ता है कैसा,

दुनिया को बताना है,

मेरे श्याम दुनिया को बताना है।

श्याम तेरे चरणों में योगी रहता है,

शर्मा दिल से तेरी महिमा कहता है,

तेरे दिल का श्याम, तेरे दिल का श्याम,

तेरे दिल का श्याम मेरे दिल से,

ये रिश्ता पुराना है,

मेरे श्याम ये रिश्ता पुराना है,

तेरा मेरा श्याम रिश्ता है कैसा,

दुनिया को बताना है,

मेरे श्याम दुनिया को बताना है,

जन्मो जनम तक अब मेरे श्याम,

ये रिश्ता निभाना है........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।