डमक डमक डमरू थारा बाजे

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ड्मक ड्मक डमरू थारा बाजे,

सब भक्ता का काम बने,

रविवार आयो पधारों भेरू बाबा,

सब भक्ता थाने याद करे ॥

बांझा के पुत्र देवे कौड़ियां के काया,

हर भक्ता की पुकार सुने,

आवे है अमीर, गरीब भी आवे,

सब भक्ता थारे पाव पड़े ॥

पोष दसम पूनम दिन भारी,

मेवा मिठाई को भोग चढ़े,

पारस प्रभु के दरबार मे विराजे,

सब भक्ता थारो ध्यान धरे ॥

भैरव चालीसा गुणगान गाये,

तेल सिंदूर थारे माथ चढ़े,

हिमाचल सूरी जी को दर्श दिखाया,

सब संता मुनि थारो जाप करे ॥

आपरे दरस से दुख भाग जाए,

मनीष भक्ता संघ नाच करे,

ड्मक ड्मक डमरू थारा बाजे,

सब भक्ता का काम बने॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।