हम है भिखारी सारे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हम है भिखारी सारे, तुम हो निराले महादानी,

हमपे भी बोले बाबा, अब तो करो जी मेहेरबानी,

भूखे को भोजन और प्यासे को देते हो पानी,

हा हमपे भी बोले बाबा, अब तो करो जी मेहेरबानी।

हे भोलेनाथ, नाथो के नाथ,

आये है शरण, थाम भी लो ये हाथ,

कौन है कहाँ, किस हाल में,

तुमसे है छुपी, किसी की ना कोई बात,

हम है भिखारी सारे, तुम हो निराले महादानी,

हा हमपे भी बोले बाबा, अब तो करो जी मेहेरबानी

तेरे ही नाम की है, सारी ये दुनिया ये दीवानी,

हा हमपे भी बोले बाबा, अब तो करो जी मेहेरबानी।

तुम स्वामी हो, संसार के,

सबको सदा, तुम सँभालते,

हमपे कभी दुःख जो पड़े,

सब मुश्किलें, तुम हो टालते,

हम है भिखारी सारे, तुम हो निराले महादानी,

हा हमपे भी बोले बाबा, अब तो करो जी मेहेरबानी,

भूखे को भोजन और प्यासे को देते हो पानी,

ओ हमपे भी भोले बाबा, हमपे भी करो जी मेहेरबानी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।