शरण तेरी सोमेश्वर बाबा

अनूप जलोटा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शरण तेरी सोमेश्वर बाबा, जो आये फल पा जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर।

चन्द्रभाल तुम अन्तर्यामी डमरू वाले,

शरणागत हर दीन हीन के तुम रखवाले,

महायोगी कैलाशपति तुम गौरीशंकर,

मरघट वासी शिव अविनाशी तुम अभयंकर,

तेरा जिसपे रंग चढ़े वो अपना रंग भुला जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर।

तेरे धाम के चन्द्रकुण्ड में जो भी नहाये,

जन्म जन्म के पापों से वो मुक्ति पाये,

सुख दायक कल्याणकारी तेरी पूजा,

तीन लोक में तुमसा दानी और ना दूजा,

तेरी छाया जिस पर हो वो कुल दुनिया पे छा जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर।

विश्व का पालन करने वाले तुम त्रिलोचन,

उसकी चिंता मिटे जो करता तेरा चिंतन,

गागर में सागर भर देती तेरी शक्ति,

कभी भी निष्फल जाये ना भोले तेरी भक्ति,

सच्चा साधक दृढ़ विश्वासी तेरे मन को भा जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

शरण तेरी सोमेश्वर बाबा, जो आये फल पा जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

तेरी दया के पंख लगे तो हमें भी उड़ना आ जाये,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर,

सुनो सुनो शिव सोमेश्वर,

सबके दाता सर्वेश्वर,

भोले बाबा भोले बाबा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।