काली बनकर आओ माँ

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

( जब जब दुनिया में भक्तो पे अत्याचार बड़ा है,

तब तब भक्तो ने काली माँ को याद किया है,

खडग त्रिशूल लेके आ जाओ माँ, ये विनती बारम्बार,

काली रूप में आन विराजो, सुनलो करुण पुकार। )

काली बनकर आओ माँ, भक्तो की बचाने लाज,

काली बनकर आओ माँ, भक्तो की बचाने लाज,

अत्याचारी और बलात्कारियों का,

अत्याचारी और बलात्कारियों का,

कर देना,कर देना, कर देना माँ संहार

काली....

काली बनकर आओ माँ, भक्तो की बचाने लाज॥

दुनिया में माँ, भर्ष्टाचार बढ़ रहा है,

भक्तो पे तेरे, अत्याचार हो रहा है,

दुनिया में माँ, भर्ष्टाचार बढ़ रहा है,

भक्तो पे तेरे, अत्याचार हो रहा है

ऐसा रूप दिखाओ इनको,

ऐसा रूप दिखाओ इनको,

थर थर काँपे हाथ......

काली....

काली बनकर आओ माँ भक्तो की बचाने लाज॥

जो भर्ष्टाचार का धंधा करे,

मैया तो उसको अँधा करे,

जो द्वेषभाव की भावना रखे,

उसको कहीं न सहारा मिले,

ऐसी गत कर देना उनकी,

ऐसी गत कर देना उनकी,

खडी हो जाए खाट,

काली.....

काली बनकर आओ माँ ,भक्तो की बचाने लाज,

अत्याचारी और बलात्कारियों का,

कर देना,कर देना, कर देना माँ संहार

काली....

काली बनकर आओ माँ, भक्तो की बचाने लाज॥

पापी दुष्ट लोभियों का कर दो दमन, माँ कर दो दमन,

इनका नामोनिशान कर दो खत्म, माँ कर दो खत्म,

आतंकी पाखंडियो का कर दो दमन, माँ कर दो दमन,

इनका नाम दुनिया से कर दो खत्म, माँ कर दो खत्म,

तेरे भक्तों पे ओ मैया,

तेरे भक्तों पे ओ मैया,

आने न पाए आंच,

काली....

काली बनकर आओ माँ भक्तो की बचाने लाज,

काली बनकर आओ माँ भक्तो की बचाने लाज.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।