बनवारी थारी मूरली पे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बनवारी थारी मूरली पे नाचू मे घूमर घालके।

सावरिया थारी मूरली पे नाचू मे घूमर घालके।

जब कान्हा की बंशी बजेगी।या राधा सिंगार करेगी ।

सखिया लायी साथ मे।सावरिया थारी मूरली पे नाचू मे घूमर घालके।

राधा नाचे रूकमण नाचे। मीरा नाचे साथ मे।

बनवारी थारी मूरली पे नाचू मे घूमर घालके।

गोकुल नाचे मथुरा नाचे।बरसानो नाचे साथ मे ।

सावरिया थारी मूरली पे नाचू मे घूमर घालके।

सिंगर-हरषित पारीक

9829995387

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।