तुमसा मैया कोई नहीं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तू बिगड़ी बनाने वाली है,

करती सबकी रखवाली है,

तुमसा मैया कोई नहीं,

तुमसा दाती कोई नहीं॥

तू ही मेहरावली मैया तू ही झंडेवाली,

तू ही दुर्गा ज्वाला चंडी तू ही शेरोवाली,

रूप कई है नाम कई है तेरे मात भवानी,

कण कण में लिखी है तेरे, नाम की अमर कहानी,

तू बिगड़ी बनाने वाली है,

करती सबकी रखवाली है,

तुमसा मैया कोई नहीं,

तुमसा दाती कोई नहीं॥

तेरे नाम की ज्योति मैया जिसके घरमें जगती,

बिन मांझी के उसकी नैया तुफानो में चलती,

तेरे दर पर आकर पत्थर भी बनते है मोती,

बाल ना बाक़ा होता जिसपर तेरी रेहमत होती,

तू बिगड़ी बनाने वाली है,

करती सबकी रखवाली है,

तुमसा मैया कोई नहीं,

तुमसा दाती कोई नहीं॥

तेरे चरणों का मैया जो सच्चा सेवक बनता

तेरी दया से उस प्राणी का कोई काम ना टलता

सारी दुनिया में ही मैया गूंज रहा तेरा जैकारा,

शर्मा तेरी शरण में आया दे दो उसे सहारा,

तू बिगड़ी बनाने वाली है,

करती सबकी रखवाली है,

तुमसा मैया कोई नहीं,

तुमसा दाती कोई नहीं........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।