जय हो गिरिजा के लाल

नरेन्द्र चंचल
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

हे गणनायक, करुना सागर, तुम हो दीन दयाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल॥

विघ्न के हर्ता हे अविनाशी कार्तिक के भैया,

कार्तिक के भैया, कार्तिक के भैया,

अब तो किनारे लगा दो ये नैया,

अब तो किनारे लगा दो ये नैया,

हो सुना है तुम्हारा तो ह्रदय विशाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

हे गणनायक, करुना सागर, तुम हो दीन दयाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल॥

जय हो जय हो

जय हो जय हो.....

कोई कहे तुम ऋण मोचन हो कोई कहे वरदानी,

कोई कहे वरदानी,

सृष्टि में तुझसा नहीं और ब्रह्मज्ञानी,

सृष्टि में तुझसा नहीं और ब्रह्मज्ञानी,

जानते हो अंतर्यामी सबके दिल का हाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

हे गणनायक, करुना सागर, तुम हो दीन दयाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल॥

प्रभु तेरे सिन्दूर वर्ण की करते हैं हम पूजा,

करते हैं हम पूजा, करते हैं हम पूजा,

दयावान निर्दोष तुझसा ना दूजा,

दयावान निर्दोष तुझसा ना दूजा,

हमरे भी संकट हरने आओ तत्काल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

हे गणनायक, करुना सागर, तुम हो दीन दयाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल,

जय हो शम्भू के लाल,

जय हो गिरिजा के लाल.............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।