शेरावाली माता तेरी सदा ही जय

अनुराधा पौडवाल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

( हे जग जननी जगदंबे

घट घट में वास करने वाली माँ दुर्गा

माँ नौ दुर्गा तेरी सदा ही जय हो

अपने दर्शन मात्र से

अपने भक्तों का उद्धार करने वाली

भंडार भरने वाली मैया

तेरा बड़ा शुकराना है

जो अपने बच्चों का

पल पल खयाल रखती हैं

सदा ऐसे ही कृपा

अपने बच्चों पर तू बनायें रखना

इसी मनोकामना के साथ

हाथ जोड़कर हम तुम्हारा वंदन कर रहे हैं

आप हमें स्वीकार करना

जय माता दी )

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय,

माँ दयालु तुम हो तारणहार,

अपने बच्चों से करती हो प्यार,

महिमा गाता है ये संसार,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

घर घर मैया की ज्योत जगे,

माँ लाल चुनर में प्यारी लगे,

शीश मुकुट क्या खूब सजे,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

तुम वैष्णो लक्ष्मी काली हो,

संकट को हरने वाली हो,

अंबे चंडी माँ निराली हो,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

जोर से बोलो जय माता दी,

सारे बोलो जय माता दी,

प्रेम से बोलो जय माता दी,

मिलके बोलो जय माता दी,

सबको बुलाये जय माता दी,

माँ पार लगाए जय माता दी,

जय माता दी जय माता दी,

बोलो जय माता दी जय माता दी,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

बड़ा ऊँचा वास तुम्हारा माँ,

बड़ा सुंदर गुफा का द्वारा माँ,

भक्तो का तुम ही सहारा माँ,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

माँ वैष्णो के करलो दर्शन,

भैरो दर्शन है मन भावन,

तेरी लीला जाने माँ जन जन,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

दर सालों साल बुलाना माँ,

कभी हमको भूल ना जाना माँ,

तेरा दाती करे शुकराना माँ,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

माँ सबका तुम उद्धार करो,

माँ सबका तुम उद्धार करो,

सब बच्चों के भंडार भरो,

हे जग जननी चिंता को हरो,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय॥

चिट्ठियां पाती जय माता दी,

दर पे बुलाती जय माता दी,

सबकी दाती जय माता दी,

प्यार लुटाती जय माता दी,

सिंह सवारी जय माता दी,

लगती प्यारी जय माता दी,

जय माता दी जय माता दी,

बोलो जय माता दी जय माता दी,

शेरावाली माता तेरी सदा ही जय........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।