बोल के जयकारा तेरे नाम का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बोले के जयकारा तेरे नाम का माँ,

सुख मिल जाये चारो धाम का,

जिसको तेरी लगन लगे ना,

वो जीवन किस काम का माँ,

बोले के जयकारा तेरे नाम का माँ,

सुख मिल जाये चारो धाम का॥

झंडेवाली माँ सुख हैं हजारों तेरे पावन प्यार में,

मुझको भी इक कोंना दे दे पड़ा रहूँ दरबार में,

सूरज चंदा दोनों तेरे क्या सुबह क्या शाम का माँ,

बोले के जयकारा तेरे नाम का माँ,

सुख मिल जाये चारो धाम का॥

तेरे नाम का अमृत ऐसा जो पिये वो जाने माँ,

माँ माँ कह के जग में जी लूँ,

भव से लगूं ठिकाने माँ,

भव सागर से तार दे मैया,

बड़ा है जयकारा माँ ये काम का माँ,

बोले के जयकारा तेरे नाम का माँ,

सुख मिल जाये चारो धाम का॥

जिसने जैसा करम किया है,

सुना है वैसा पाया है,

उसका संकट टाला तूने,

जो भी शरण में आया है,

बनके भिखारी शहंशाह मांगे,

मांगे रतन तेरे नाम का माँ,

बोले के जयकारा तेरे नाम का माँ,

सुख मिल जाये चारो धाम का॥

रोग कटे हर कष्ट मिटाये,

मेरी आदि भवानी माँ,

भूत प्रेत मोह जाल को काटे,

जग जननी कल्याणी माँ,

‘माही’ मीठा नाम मैया का,

जैसे रस हो आम का माँ,

बोले के जयकारा तेरे नाम का माँ,

सुख मिल जाये चारो धाम का॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।