तन तो मंदिर है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन,

वृन्दावन में है बसे, राधिका कृष्ण,

तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन॥

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

प्रेम ही तो तीर्थ है, प्रेम धर्म है,

प्रेम ही है अर्चना, प्रेम कर्म है,

प्रेम ही प्रभु का नाम, प्रेम ही भजन,

तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन॥

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

कामना को त्याग, भक्ति राह पे तू चल,

वासना में क्यूँ जले, आरती सा जल,

आत्मा मरे नहीं, तन का हो निधन,

तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन॥

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

जग तो अंधकार है, इससे तू निकल,

ज्ञान का प्रकाश कर, मूढ तू संभल,

राधा कृष्ण के चरण में, नित्य कर नमन,

तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन॥

वृन्दावन में है बसे, राधिका कृष्ण,

तन तो मंदिर है, हृदय है वृन्दावन॥

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।