मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर आना भवानी फूलों में चलकर....-2

जिस घर में मैया धन की कमी हो,

उस घर आना भवानी माँ लक्ष्मी बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर॥

जिस घर में मैया विद्या की कमी हो,

उस घर आना भवानी माँ सरस्वती माँ बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर॥

जिस घर में मैया अन्न की कमी हो,

उस घर आना भवानी माँ अन्नपूर्ण बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर॥

जिस घर में मैया कन्या की कमी हो,

उस घर आना भवानी माँ वैष्णव बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर॥

जिस घर में मैया कष्ट कलेश हो,

उस घर आना भवानी माँ काली बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर॥

जिस घर में मैया तेरा भजन हो,

उस घर आना भवानी माँ दुर्गा बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर॥

जिस घर में मैया सुख की कमी हो,

उस घर आना भवानी माँ संतोषी बनकर,

मेरे घर आना भवानी फुलो में चलकर........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।