होकर के सिंह सवार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बच्चों के जीवन में जब विपदा आती है,

होकर के सिंह सवार मैया दौड़ी आती है,

बच्चों के जीवन में जब विपदा आती है,

होकर के सिंह सवार मैयां दौड़ी आती है।।

दीनो की साथी है दुखियों को उठाती है,

ममता की छाँव करे गोदी में बिठाती है,

हर सुख में हर दुःख में ये साथ निभाती है,

बच्चों के जीवन में जब विपदा आती है।।

जीवन की नैया जब मझधार में होती है,

तूफ़ान से घबरा के जब आँखें रोती हैं,

बन कर मांझी नैया भव पार लगाती है,

बच्चों के जीवन में जब विपदा आती है।।

बच्चों का दुःख इनसे देखा नहीं जाता है,

खुद आंसू पोंछे जो ये ऐसी माता है,

मोहित दुःख बच्चो का खुद मैया उठाती है,

बच्चों के जीवन में जब विपदा आती है,

बच्चों के जीवन में जब विपदा आती है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।