मुझे ले चलिए हनुमान मैया के जगराते में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

जगराते में, जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में.....-2

मैया के जगराते में ब्रह्मा जी आएँ,

ब्रह्मा जी आएँ संग ब्रह्माणी को लाएं,

मुझे हो गया वेदों का ज्ञान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में॥

मैया के जगराते में विष्णु जी आएँ,

विष्णु जी आएँ संग लक्ष्मी जी लाएँ,

मुझे मिल गया बैकुंठ धाम, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में॥

मैया जी की जगराते में भोले जी आएँ,

भोले जी आएँ संग गौरा जी आएँ,

मुझे मिल गया कैलाश धाम, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में॥

मैया के जगराते में कान्हाँ जी आये,

कान्हा जी आएँ संग राधा जी को लाये,

मुझे मिल गया सारा बृज धाम, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में॥

मैया के जगराते में भक्त हैं आये,

भक्त ये आएँ तुझे मन से धियाएँ,

हमें मिल गया माँ का आशीर्वाद, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में,

जगराते में, जगराते में,

मुझे ले चलिए हनुमान, मैया के जगराते में.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।