हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय भवानी बोल तू,

जय भवानी बोल,

कुछ ना लगेगा मोल रे,

कुछ ना लगेगा मोल,

जय भवानी बोल तू,

जय भवानी बोल,

कुछ ना लगेगा मोल रे,

कुछ ना लगेगा मोल,

तू बोल रे जय माता की,

तू भूल के ना डोल जय माँ बोल,

सपनो को करने साकार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

सपनो को करने साकार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

तू बोल रे जय माता की,

तू भूल के ना डोल जय माँ बोल,

मांगने को सुख का भंडार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

जय भवानी बोल तू,

जय भवानी बोल।

मैया पुकार जब हमरी सुनेगी,

हो मैया पुकार जब हमरी सुनेगी,

जागेगी तक़दीर, बिगड़ी बनेगी,

कुटिया को वो महल करे,

सौ जन्मो के कष्ट हरे,

साथ लेके सारा परिवार जाना है,

साथ लेके सारा परिवार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

सपनो को करने साकार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

जय भवानी बोल तू,

जय भवानी बोल,

कुछ ना लगेगा मोल रे,

कुछ ना लगेगा मोल।

आ… शेरों वाली की सौ बार जय,

ज्योतावाली की सौ बार जय।

हो हर बात दिल की माँ से कहेंगे,

हा हा कहेंगे चुप ना रहेंगे,

हा हा कहेंगे चुप ना रहेंगे,

यही है, यही है इस मेरे मन की लगन लगन लगन,

देखने को उसके चमत्कार जाना है,

देखने को उसके चमत्कार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

सपनो को करने साकार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

जय भवानी बोल तू,

जय भवानी बोल,

कुछ ना लगेगा मोल रे,

कुछ ना लगेगा मोल।

ये सोना, ये चांदी, ये हीरे, ये मोती,

ओ मैया बिना मैया बिना,

सब कुछ है नाम का,

नाम का नाम का,

नाम का नाम का,

ये मेरा जीवन जीवन जीवन,

मैया के बिना किस काम का,

किस काम का,

दर्श बिना तड़पे है ये बिरहँ,

बिरहँ बिरहँ बिरहँ,

करवाने अपना उद्धार जाना है,

करवाने अपना उद्धार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है,

तू बोल रे जय माता की,

तू भूल के ना डोल जय माँ बोल,

सपनो को करने साकार जाना है,

हमने माता वैष्णो के द्वार जाना है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।