माँ प्यारी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ प्यारी माँ,

माँ ओ माँ,

ओ माता ओ माता ये लाल तेरा बुलाता,

माँ मंदिरो से आजा, माँ भवनों से आजा,

क्यों तुझको रहम ना आता,

ओ माता ओ माता ये लाल तेरा बुलाता,

तू कहती है जैसे वो लिखता है वैसे,

माँ सबके लेख विधाता,

ओ माता ओ माता।

आज मुश्किल पड़ी आजा माँ,

ओ तू घड़ी दो घड़ी आजा माँ,

ओ तू पावन रूप में या तो फिर,

पीली सिंह पे चढ़ी आजा माँ

तेरे सिवा कोई बिगड़ी मेरी ना बनाता,

ओ माता ओ माता ये लाल तेरा बुलाता,

माँ मंदिरो से आजा, माँ भवनों से आजा,

क्यों तुझको रहम ना आता,

ओ माता ओ माता।

और देरी ना कर दाती माँ,

ओ कर दया की नज़र दाती माँ,

ओ अब तो देखो इधर दाती माँ,

मैं दुखी किस कदर दाती माँ,

कमज़ोर बन्दों को तेरा जहां है सताता,

ओ माता प्यारी माता,

हर भक्त तुझे बुलाता,

तू कहती है जैसे वो लिखता है वैसे,

माँ सबके लेख विधाता,

जय जय माँ जय ओ माँ.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।