तेरे दर्शन से मिलते है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर्शन से मिलते है,

दिल को सहारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ।

तेरे दर्शन से मिलते है,

दिल को सहारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ,

तेरे दर्शन से मिलते है,

दिल को सहारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ,

तेरी शेर पे सवारी,

तीनो लोक से तू न्यारी,

लगे हर दम तू प्यारी प्यारी माँ,

तेरे दर्शन से मिलते है,

दिल को सहारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ।

है कैलाश पे शिव का डेरा,

ऊँचे पर्बत पे तेरा बसेरा,

है कैलाश पे शिव का डेरा,

ऊँचे पर्बत पे तेरा बसेरा,

पी के शिव जी ज़हर मुस्कुराये,

तूने गम सबके दिल से लगाये,

तूने गम सबके दिल से लगाये,

तेरी शेर पे सवारी,

तीनो लोक से तू न्यारी,

लगे हर दम तू प्यारी प्यारी माँ,

बिनती सुन लेती है कही से कोई पुकारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ,

तेरे दर्शन से मिलते है,

दिल को सहारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ।

ब्राह्मणी लक्ष्मी भवानी,

शक्तियाँ तुझमे तीनो समायी,

ब्राह्मणी लक्ष्मी भवानी,

शक्तियाँ तुझमे तीनो समायी,

दर्शनो को तेरे जो भी आया,

चारो धामो का फल उसने पाया,

चारो धामो का फल उसने पाया,

तेरी शेर पे सवारी,

तीनो लोक से तू न्यारी,

लगे हर दम तू प्यारी प्यारी माँ,

तेरे होते हुए कोई क्यों हिम्मत हारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ,

तेरे दर्शन से मिलते है,

दिल को सहारे माँ,

हर दुःख भूल जाये,

जो आये तेरे द्वारे माँ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।