भक्त जनों की एक तुम्ही ने नैया पार लगानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भक्त जनों की एक तुम्ही ने नैया पार लगानी,

भवानी माँ भवानी......

दुखो का अंधकार मिटाये तेरी ज्योत नूरानी,

भवानी माँ भवानी.......

तेरे भक्तो पर माँ जब जब भीड़ बनी,

तूने उन सबकी फ़रियाद है सुनी......-2

काली बनके दुष्टों का तूने है संहार किया,

बेडा तूने भवजल से भक्तो का है पार किया,

माँ ज्वाला दुर्गा तू, तू ही माँ वरदानी,

भवानी माँ भवानी........

सिंह सवार तू तेरी अष्टभुजाये माँ,

तेरी नज़रो में है दसो दिशाएं माँ.....-2

खाली सवाली ना भेजा तूने द्वार से,

मिली है मुराद सबको तेरे ही भंडार से,

सूखे पेड़ खिलाती निगाह तेरी कल्याणी,

भवानी माँ भवानी.....

दुखो का अंधकार मिटाये तेरी ज्योत नूरानी,

भक्त जनों की एक तुम्ही ने नैया पार लगानी,

भवानी माँ भवानी........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।