माता रानी आयी है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आओ रे आओ थाल सजाओ,

दीपक जलाओ चुनरी भी लाओ,

है शोर डगर डगर मस्ती है नगर नगर,

है धूम शहर शहर डांडिया माँ आवजो,

ढोल बजायेंगे सबको नचायेंगे,

गरबे में जायेंगे माता रानी आयी है,

जगदम्बे बोलो अम्बे.......

त्यौहार है ये नौ दिनों का,

जलसा है नौरातों का,

मैया के आगे दिल से कर लो,

इज़हार जज्बातों का,

है शोर डगर डगर मस्ती है नगर नगर,

है धूम शहर शहर डांडिया माँ आवजो,

ढोल बजायेंगे सबको नचायेंगे,

गरबे में जायेंगे माता रानी आयी है,

जगदम्बे बोलो अम्बे.......

सजके सवार के घर से निकले,

सारे छोरा छोरी,

प्रीत वाली बाते करने,

चुपके चोरी चोरी,

है शोर डगर डगर मस्ती है नगर नगर,

है धूम शहर शहर डांडिया माँ आवजो,

ढोल बजायेंगे सबको नचायेंगे,

गरबे में जायेंगे माता रानी आयी है,

जगदम्बे बोलो अम्बे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।