माता कांगड़े वालिए तेरी जय होवे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माता कांगड़े वालिए तेरी जय होवे,

झूले धर्म का झंडा माता तेरी जय होवे.....-2

माता कांगड़े वालिए दो लालडिया,

द्वारे तेरे आईया कर्मा बालिडिया,

माता कांगड़े वालिए तेरी जय होवे,

झूले धर्म का झंडा माता तेरी जय होवे॥

माता कांगड़े वालिए फूल अंबे दा,

धर्म कभी ना हिले पापी कंबेगा,

माता कांगड़े वालिए तेरी जय होवे,

झूले धर्म का झंडा माता तेरी जय होवे॥

माता कांगड़ा वालिए फूल गर्ने दा,

होर गला सब सचियां पता नहीं मरने दा,

माता कांगड़े वालिए तेरी जय होवे,

झूले धर्म का झंडा माता तेरी जय होवे॥

माता कांगड़ा वालिए फुल कीकरा दे,

ऐसी लगन लगा दे कदे ना बिछड़ागे,

माता कांगड़े वालिए तेरी जय होवे,

झूले धर्म का झंडा माता तेरी जय होवे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।