मैया तेरी जय जयकार माँ

मास्टर सलीम
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया मैया,

ओ तेरी जय जयकार माँ,

मैनु मिलदा रहे तेरा प्यार माँ,

मैं तो इतना मांगू,

मैया जी बस इतना मांगू,

मैया, मैया।

तू बुलावे सानू, तू ही बुलावे,

अपना दुलार दाती, सबते लुटावे,

तेरा दरबार सोहणा, रंगला कमाल माँ,

बरसे है रंग सदा, रंग लालो लाल माँ,

कित्ते मिलिया ना, ऐसा दरबार माँ,

मैनु मिलदा रहे तेरा प्यार माँ,

मैं तो इतना मांगू,

मैया जी बस इतना मांगू,

मैया, मैया।

झोली विच पा दे मैया, ऐसे उपहार माँ,

सारा ही ज़माना तेरी, करे जय जय कार माँ,

दुनियां में सभी तेरे चाहने वाले हैं,

तेरे ही दीवाने हैं, तेरे ही मतवाले हैं,

तू निहाल करे दाती, हर बार माँ,

मैनु मिलदा रहे तेरा प्यार माँ,

मैं तो इतना मांगू,

अम्बे माँ मैं तो इतना मांगू,

मैया, मैया।

तेरे नाल लगी मैया, बार बार आवाँगे,

चरणा च बैठागे माँ, दर्शन पावांगे,

रिश्ता प्यारा पाना, तेरा मेरा साथ माँ,

दिल से पुकारू नाम, तेरा दिन रात माँ,

सरजीवन है तेरा सेवादार माँ,

मैनु मिलदा रहे तेरा प्यार माँ,

मैं तो इतना मांगू,

मैया जी मैं तो इतना मांगू,

मैया, मैया।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।