हे माता शेरावाली उपकार कर दे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हे माता शेरावाली उपकार कर दे,

हे माता शेरावाली उपकार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

तू सारे मेरे सपने साकार कर दे,

तू सारे मेरे सपने साकार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे।।

माँ सुखी आज मेरा संसार कर दे,

माँ सुखी आज मेरा संसार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

इन काँटों को फूलों का हार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे।।

माँ सबकी तूने मुश्किलें आसान कर दी,

माँ नेहमते हज़ारो में दान कर दी,

तू गरीबो के माया है दुःख है हरती,

माँ वोही होता है यहाँ जो तेरी मर्ज़ी,

माँ हम भी शरण आये उद्धार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे।।

तू माँ बड़े पापियों के पाप हरती,

कर देती कष्ट दूर संताप हरती,

जो तेरे ही ध्यान में सवाली खो गये,

वो मैया जी आकाश के सितारे हो गये,

बदहाल ज़िन्दगी का तू सुधार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे।।

हे माता शेरावाली उपकार कर दे,

हे माता शेरावाली उपकार कर दे,

बेड़ा पार कर दे,

बेड़ा पार कर दे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।