प्रथम नवरात्रे शैलपुत्री महारानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

प्रथम नवरात्रे शैलपुत्री महारानी,

मैया भूल नही जाना मेरे घर चली आना,

मैया आ जाना,

सुनलो महारानी मेरी टूटी है झोपड़िया,

मेरे घर आ जाना आके रूखी सुखी खाना,

मैया आ जाना.......

दूजे नवरात्रे ब्रह्मचारिणी भूल नही जाना मेरे बात माँ,

पूजन करुगा वंदन करुगा जाऊंगा सारे रात माँ,

तेजे अन्तता माँ चंद्रघंटा रहना हमारे साथ माँ,

अर्पण करुगा मैया नारियल चुनरिया,

मैया भूल नही जाना मेरे घर चली आना,

मैया आ जाना.......

चौथे नवरात्रे माँ कूष्मांडा भेजा है न्योता तेरे नाम का,

संगी सहेली सब लो ले आना भोग लगाना मैया शाम का,

धो के चरण मैं करू पंगवंदन पूण्य कमाऊ चारो धाम का,

रस्ते में बैठुंगा बिछाये मैं नजरिया मेरे घर चली आना,

मैया भूल नही जाना मेरे घर चली आना,

मैया आ जाना.......

पांचवे नवरात्रे स्कंदमाता छठे का कात्यायिनी मात जी,

सातवे रोज़ सुनो माँ कालरात्रि आ जाना मैया आप जी ,

आठवे दिन है माँ महागौरी सिद्धिदात्री के साथ जी,

नोवे रोज छोड़े चले आना माँ अटरिया,

मैया भूल नही जाना मेरे घर चली आना,

मैया आ जाना.......

प्रथम नवरात्रे शैलपुत्री महारानी,

मैया भूल नही जाना मेरे घर चली आना,

मैया आ जाना,

सुनलो महारानी मेरी टूटी है झोपड़िया,

मेरे घर आ जाना आके रूखी सुखी खाना,

मैया आ जाना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।