आये तेरे नवरात्रे मैया

अनुराधा पौडवाल
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे,

कंजका पूजूं ज्योत जगाऊ,

रोज़ करूँ जगराते मैया,

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे ॥

पहले नवरात्री खेतेरी बीजूं,

धुप और दीप जलाऊँ,

उसमें मैं गणपति की मैया,

गौरी के दर्शन पाऊं,

कर दे कृपा दे हरियाली,

खुशहाली महारानी,

अन्न धन जीवन के सुख सारे,

तेरे द्वार से पाऊं,

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे.........

दूजे नवरात्रे लक्ष्मी माँ के,

चरणों में शीश झुकाऊ,

तीजे महाकाली महारानी,

दाती के गुण गाऊं,

चौथे नवरात्रे चिंतपूर्णी,

मैया के सम्मुख जाके,

छोड़ के चिंता भरूं चोकियाँ,

पूजा नियम निभाऊं,

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे.........

पांचवे नवरात्रे कांगड़े वाली,

वर देवे वरदानी,

छठे नवरात्रे ज्वाला ज्योती,

जल में जले कल्याणी,

सातवी सारे जगत की दाती,

अग्नि पवन की मालिक,

द्वार दया के खोल के बैठी,

मैया वैष्णो रानी,

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे.........

रखे व्रत तेरी याद में मैया,

तेरी महिमा गाई,

खुशियाँ लेकर हर एक घर में,

दुर्गा अष्टमी आई,

कन्या रूप में कल्याणी का,

सबने दर्शन पाया,

अष्टभुजी जगजानी माँ ने,

सबकी प्यास बुझाई,

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे,

कंजका पूजूं ज्योत जगाऊ,

रोज़ करूँ जगराते मैया,

आये तेरे नवरात्रे मैया, आये तेरे नवरात्रे..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।