हवन कराऊं मैया दोनो हाथ जोड़ के

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के,

हवन कराऊं मैया दोनों हाथ जोड़ के ॥

ब्रह्मा बुलाये संग में विष्णु भी आए,

लक्ष्मी मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के.....-2

अमवा की डाली लाई........

भोले बुलाये संग में गणपत भी आए,

गोरा मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के.....-2

अमवा की डाली लाई........

रामा बुलाये संग में लक्ष्मण भी आए,

सीता मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के.....-2

अमवा की डाली लाई........

कान्हा बुलाये संग में श्रीदामा भी आए,

राधा रानी को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के.....-2

अमवा की डाली लाई........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।