नैन तेरे किरणों भरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नैन तेरे किरणों भरे,

नैन तेरे किरणों भरे,

लायेंगे सवेरा मिटेगा अँधेरा,

माता रानी लगन तेरी लागी,

लगन तेरी रे,

नैन तेरे किरणों भरे,

नैन तेरे किरणों भरे,

लायेंगे सवेरा मिटेगा अँधेरा,

माता रानी लगन तेरी लागी,

लगन तेरी रे,

नैन तेरे किरणों भरे........

दिये आँधियों में तूने ही जलाये,

दिये आँधियों में तूने ही जलाये,

पानी की धार भी तो नइया बन जाए कोई चलके किनारा खुद आये,

माता रानी लगन तेरी लागी,

लगन तेरी रे,

नैन तेरे किरणों भरे,

लायेंगे सवेरा मिटेगा अँधेरा,

माता रानी लगन तेरी लागी,

लगन तेरी रे,

नैन तेरे किरणों भरे.......

कई बार जग ने चमत्कार देखे,

कई बार जग ने चमत्कार देखे,

कौन सी है बात बड़ी,

और भी जो एक बार,

सारा संसार देखे,

माता रानी लगन तेरी लागी,

लगन तेरी रे,

नैन तेरे किरणों भरे,

लायेंगे सवेरा मिटेगा अँधेरा,

माता रानी लगन तेरी लागी,

लगन तेरी रे,

नैन तेरे किरणों भरे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।