सुर सुर मे मिलाये

पारंपरिक
हनुमान जी भजन विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुर सुर में मिलाये,

सुर ताल में मिलाये सबको,

ओ महिमा राम नाम की,

ओ महिमा कृष्ण नाम की।

रतनभवर एक धाम है,

गजानन भगवान है,

ऐसे मुशकधारी को,

मेरा बारंबार प्रणाम है।

वृंदावन एक धाम है,

कृष्णा जिनका नाम है,

ऐसे बंसी वाले को,

मेरा बारंबार प्रणाम है ।

सालासर एक धाम है,

हनुमान भगवान है,

ऐसे बजरंगबाला को,

मेरा बारंबार प्रणाम है।

तिरुपति एक धाम है,

बालाजी भगवान है,

ऐसे वेंकटरमणा को,

मेरा बारंबार प्रणाम है।

पंढरपुर एक धाम है,

विट्ठलजी भगवान है,

ऐसे तुलसीधारी को,

मेरा बारंबार प्रणाम है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।