दुःख हरियौ भवानी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं,

अहाँके चरण लेल अलता लेलौं,

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥

दुःख हरियौ भवानी।

अल्पना नै आबय हम कोना क बनेबै,

नीक हेतै मैया अपने सै लगेबै,

सोचै छलौं लाल मुदा आल ल लेलौं,

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥

दुःख हरियौ भवानी।

डाली मे लाल फूल बैजन्ती हार छै,

गमगम पलाश पात तुलसी पथार छै,

जल्दी दर्शन आशे झटकल एलौं,

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥

दुःख हरियौ भवानी।

दुनिया मे शांति रहै सएह हमर मोन मे,

सोझाँ पुजारिन हम बैसल छी कोन मे,

हमर बेर कखन एतै विह्वल भेलौं,

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥

दुःख हरियौ भवानी।

अहाँके चरण लेल अलता लेलौं,

दुःख हरियौ भवानी शरण एलौं॥

दुःख हरियौ भवानी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।