जम्मू का टिकट कटा दो मेरी मईया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जम्मू का टिकट कटा दो मेरी मईया,

बैठ रेल में आऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया ॥

बाण गंगा का ठंडा ठंडा पानी,

जल्दी से बुलालो मेरी वैष्णो रानी,

मैं आकर डूबकी लगाऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया,

बैठ रेल में आऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया ॥

जम्मू का टिकट कटा दो मेरी मईया ।

सुआ सुआ चोला मईया अंग विराजे

गोटेदार चुनरी सर पे साजे,

केसर तिलक लगाऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया,

बैठ रेल में आऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया ॥

जम्मू का टिकट कटा दो मेरी मईया ।

अंधन को आंख देत कोढ़न को काया,

बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया,

मैं भी अर्जी लगाऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया,

बैठ रेल में आऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया ॥

जम्मू का टिकट कटा दो मेरी मईया ।

ध्वजा नारियल भेंट चढाऊ,

हवले चने का मईया भोग लगाऊ,

तेरा रज रज दर्शन पाऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया,

बैठ रेल में आऊ रे, मेरी शेरोवाली मईया ॥

जम्मू का टिकट कटा दो मेरी मईया ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।