चलो बजरंगी के धाम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो जी,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो जी,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम,

जो जो उसे मनावे घी का दीप जलावे,

जो सर को झुकावे चरणों में गिर जावे,

जयकारा लगावे दर फूलों से सजावे,

छप्पन भोग लगावे वो सब कुछ पा जावे,

ओ खुशिया भरने वाला है, जो झोली में सुबहो श्याम,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो जी,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम।

बजरंग बाला देव निराला, सालासर में डेरा डाला,

रूप विशाला फेरो माला, अंजनी लाला है मतवाला,

ओ कष्ट मिटाने वाला है, श्री बजरंगी का नाम,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो जी,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम।

कोई बालाजी कहता है, कोई मेहंदीपुर का बाला,

कोई बजरंग कोई हनुमत,

कोई जय सालासर वाला, कोई भक्तो का रखवाला,

कोई लाल लंगोटे वाला, कोई कहता राम का सेवक,

कोई पवनपुत्र मतवाला,

राम कई हनुमान के आता, है वो सबके काम,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो,

चलो जी चलो जी चलो जी,

ओ चलो बजरंगी के धाम,

चलो बजरंगी के धाम।

सालासर का स्वामी बाला,

मेहंदीपुर का धाम निराला,

सालासर का स्वामी बाला,

मेहंदीपुर का धाम निराला,

सालासर का स्वामी बाला,

मेहंदीपुर का धाम निराला,

चलो जी सालासर चलो,

चलो जी मेहंदीपुर चलो,

चलो जी सालासर चलो,

चलो जी मेहंदीपुर चलो,

चलो जी सालासर चलो.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।