मोहे लेने तू ही अयिओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू ही अयिओ गोपाल, मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ, तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल, मोहे लेने तू ही अयिओ॥

सावन ना अयिओ भादों ना अयिओ.....-2

अयिओ कार्तिक मास

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

पूनम ना अयिओ अमावस ना अयिओ.....-2

अयिओ एकादशी की रात

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

सुबह ना अयिओ शाम ना अयिओ......-2

अयिओ तू भोर प्रभात

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

अंत समय जब प्राण मेरे निकले......-2

दर्शन दीज्यो आप,

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

दूध ना लईओ दही ना लईओ......-2

लईओ गंगाजल साथ

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

राधा ना लईयो रुक्मिणी ना लईयो......-2

लईयो तुलसा साथ

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

जब श्याम मेरा डोला सजेगा.....-2

कंधा दीज्यो आप,

मोहे लेने तू ही अयिओ,

तू ही अयिओ नंदलाल.......

स्वर्ग ना चाहिए मोक्ष ना चाहिए.....-2

दीज्यो मोहे अपना साथ,

मोहे लेने तू ही अयिओ

तू ही अयिओ नंदलाल.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।