तेरी तरह रघुनंदन का

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरी तरह रघुनंदन का, कोई ध्यान करके देखे ना,

तेरी तरह रघुनंदन का, कोई ध्यान करके देखे ना,

उस परम पिता परमेश्वर का, गुणगान करके देखे ना,

प्रभु राम के नाम का प्याला,

प्रभु राम के नाम का प्याला, पान करके देखे ना,

तेरी तरह रघुनंदन का, कोई ध्यान करके देखे ना।

राम नाम गाते थे, राम को ही चाहते थे,

नाम की ही पावन गंग में, डुबकिया लगाते थे,

राम ही अधारा है, राम तेरा प्यारा है,

राम की शरण में, तुमने जीवन गुज़ारा है,

श्री चरणों में तन मन धन कोई,

श्री चरणों में तन मन धन कोई, दान करके देखे ना,

तेरी तरह रघुनंदन का कोई, ध्यान करके देखे ना,

उस परम पिता परमेश्वर का, गुणगान करके देखे ना।

राम नाम अपना है, जग ये झूठा सपना है,

विकल्पो में जीते है, रूप रंग कल्पना है,

नाम तत्त्व ज्ञान है, साक्षी पुराण है,

पशु के सामान है, वो जिन्हे नहीं ज्ञान है,

ज्ञान ही तो पाना है, ज्ञान ना छुपाना है,

ज्ञान ही तो पाना है, ज्ञान ना छुपाना कोई मान करके देखे ना,

तेरी तरह रघुनंदन का कोई, ध्यान करके देखे ना,

उस परम पिता परमेश्वर का, गुणगान करके देखे ना,

प्रभु राम के नाम का प्याला,

प्रभु राम के नाम का प्याला, पान करके देखे ना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।