एक छोटे से गांव में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

एक छोटे से गांव में, बालाजी की छांव में,

बदल जाती है किस्मत मेरी, जाते ही इनके पांव में,

एक छोटे से गांव में, बालाजी की छांव में ॥

जब ना मिलता कोई अपना, ये ही हाथ बढ़ाते है,

राम ने इनको गले लगाया, ये हमको गले लगाते है,

हर बाजी को जीत गए, हम हारे हुए दांव में,

एक छोटे से गांव में, बालाजी की छांव में ॥

संकट मोचन आप कहाते, रक्षक भी बन जाते है,

बल बुद्धि को आप बढ़ाते, भक्त सफल हो जाते है,

दुनिया सारी घूम के देवा, आया अब पड़ाव में,

एक छोटे से गांव में, बालाजी की छांव में ॥

श्री राम श्री राम जपने लगु, तो मंद मंद मुस्कावे है,

मनीष जैन चरणों का चाकर, दर पर शीश झुकावे है,

रोज नैना दर्शन पावे, रखना ना मुझे अभाव में,

एक छोटे से गांव में, बालाजी की छांव में........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।