हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया के दीवाने, मैया के दीवाने......

तेरे द्वार आये मैया तुझको मनाने,

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने,

हाँ होठो पे नाम तेरा तेरे ही तराने,

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने........

ऊँचे पहाड़ो पे तू बैठी है भवानी,

बहता है चरणों में गंगा का पानी,

तीनो लोक आते है यहाँ भाग्य जगाने,

हम है दीवाने है तेरे नाम के दीवाने,

तेरे द्वार आये मैया तुझको मनाने,

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने…….

भटके हुए है मैया हम बीच धारे,

कौन लगाये मैया नैया किनारे,

मेरा सुख दुख मैया अब तू ही जाने,

हम है दीवाने है तेरे नाम के दीवाने,

तेरे द्वार आये मैया तुझको मनाने,

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने…….

महिमा को जान गए तुझे पहचान गए,

तेरे दुलार और ममता को मान गए,

तूने लुटाये है माँ लाखो ही खजाने,

हम है दीवाने है तेरे नाम के दीवाने,

तेरे द्वार आये मैया तुझको मनाने,

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने.......

पागल ये मनवा मेरा व्याकुल है नैना,

दर्शन बिना नहीं आये अब चैना,

और क्या कहू मेरा दिल भी ना जाने,

हम है दीवाने है तेरे नाम के दीवाने,

तेरे द्वार आये मैया तुझको मनाने,

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।