जय शंभू जय भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय शंभू जय भोले,

जय शंभू जय भोले,

तर जाये जीवन के भव से,

जो शिव की जय बोले,

जय शंभू जय भोले,

जय शंभू जय भोले......

सदा तुम्हारी महिमा गाऊँ,

गाऊँ जय जय कार ,

शिव ही सच है,

शिव सुंदर है,

शिव ही आदी अपार,

शरण में अपनी लेलो बाबा,

माया में मन डोले,

जय शंभू जय भोले,

जय शंभू जय भोले.....

छवि तुम्हारी कण कण पाऊँ ,

पाऊँ दर्श हर बार,

ध्यान तुम्हारा क्षण क्षण ध्याऊँ ,

ध्याऊँ शिव साकार,

तुमसे आस लगी है बाबा,

मन गावें बम भोले,

जय शंभू जय भोले,

जय शंभू जय भोले......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।