फागुन आयो रे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आयो रे आयो रे,

फागण आयो रे,

मन भावन आयो रे।

खाटू के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओ,

बाबो के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओ,

बरसाओ जी रंग बरसाओ,

ओ रंग बरसाओ,

खाटू के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओं।।

तन केसरिया बागो प्यारो,

काना कुण्डल लागे मतवारो,

थे दर्शन करलो जी,

थे रंग बरसाओ,

बाबो के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओ,

खाटू के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओं।।

ड्योढ़ी पर हनुमान विराजे,

शंकर को डमरू भी बाजे,

लिलो छम छम नाचे जी,

थे रंग बरसाओ,

बाबो के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओ,

खाटू के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओं।।

श्याम धणी यो छैल छबीलो,

सांवरियो है रंग रंगीलो,

थे प्रेम रंग रंगल्यो जी,

थे रंग बरसाओ,

बाबो के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओ,

खाटू के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओं।।

हांरोड़या ने हिवड़े लगावे,

प्रेमया से यो प्रेम बढ़ावे,

यो दाहिमा भी तरसे जी,

थारा भगत भी तरसे जी,

थे रंग बरसाओ,

बाबो के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओ,

खाटू के मंदिर चलो जी,

थे रंग बरसाओं,

बरसाओ जी रंग बरसाओ,

ओ रंग बरसाओ,

खाटू के मंदिर चलो,

जी थे रंग बरसाओं.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।