सालासर के बालाजी तेरा धाम सुहाना है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तू राम दीवाना है, सब जग ने माना है,

सालासर के बालाजी तेरा धाम सुहाना है.......

अंजनी का लाल है, रूप विकराल है,

भक्तों का रक्षक और असुरों का काल है......-2

तुझें दिल में बसाना है, सब जग ने माना है,

सालासर के बालाजी तेरा धाम सुहाना है........

तन पे सिन्दूर है, खिला भरपूर है,

कानों में कुंडल सोहे, सुंदर सा रूप है......-2

भक्ति का ख़जाना है, सब जग ने माना है,

सालासर के बालाजी तेरा धाम सुहाना है........

धूणी राम राम की, गाते सुबह शाम की,

जांगिड़ कैलाश माला, फेरे तेरे नाम की......-2

बृजेश का गाना है, न डी जे (NDJ) में आना है,

सालासर के बालाजी तेरा धाम सुहाना है.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।