केशव माधव हरि हरि बोल

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मुकुन्द माधव गोविन्द बोल ।

केशव माधव हरि हरि बोल ॥

मुकुन्द माधव गोविन्द बोल ।

केशव माधव हरि हरि बोल ॥

राम राम बोल, राम राम बोल ।

शिव शिव बोल, शिव शिव बोल ॥

उद्धार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

भव पार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

शरण पड़े प्रभु शरण पड़े,

उद्धार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

भव पार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

राम राम बोल, राम राम बोल ।

शिव शिव बोल, शिव शिव बोल ॥

कैसे तेरा नाम ध्याए,

कैसे तुम्हरी लगन लगाए,

हृदय जगाओ ध्यान,

तुम्हरी शरण पड़े,

उद्धार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

नारायण बोल, नारायण बोल ।

केशव माधव हरि हरि बोल ॥

पंथ मतो की सुन सुन बाते,

द्वार तेरे तक पहुंच ना पाते,

भटके बीच जहाँन,

तुम्हरी शरण पड़े,

उद्धार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

राम राम बोल, राम राम बोल ।

शिव शिव बोल, शिव शिव बोल ॥

तु ही शामिल कृष्ण मुरारी,

राम तु ही गणपती त्रिपुरारी,

तुम ही बने हनुमान,

तुम्हरी शरण पड़े,

उद्धार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

नारायण बोल, नारायण बोल ।

केशव माधव हरि हरि बोल ॥

ऐसी अंतर ज्योत जगाना,

हम दीनो को शरण लगाना,

हे प्रभु दया निदान,

तुम्हरी शरण पड़े,

उद्धार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े,

भव पार करो भगवान,

तुम्हरी शरण पड़े........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।