हम तो तेरे भवनों की भक्ति मांगते

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हे ना गाड़ी ना बंगला ना कोठी मांगते,

हे ना गाड़ी ना बंगला ना कोठी मांगते,

हम तो तेरे चरणों की भक्ति मांगते,

ना सोना ना चांदी ना मोती मांगते,

हम तो तेरे भवनों की भक्ति मांगते ॥

माँ ज्ञान ज्ञान वाला उजाला हमे देदे,

माँ....

माँ ज्ञान ज्ञान वाला उजाला हमे देदे,

जो सुबह शाम फेरे वो माला हमे देदे,

हम तो अच्छे कर्मो की शक्ति मांगते,

ना गाड़ी ना बंगला ना कोठी मांगते,

हे ना गाड़ी ना बंगला ना कोठी मांगते,

हम तो तेरे चरणों की भक्ति मांगते,

ना सोना ना चांदी ना मोती मांगते,

हम तो तेरे भवनों की भक्ति मांगते ।

कोई तेरी भक्ति की भावना ना लुटे,

माँ....

कोई तेरी भक्ति की भावना ना लुटे,

जो सुख बांटे सबको वो साधना ना टूटे,

हम तो सब विकारो से है मुक्ति मांगते,

ना गाड़ी ना बंगला ना कोठी मांगते,

हे ना गाड़ी ना बंगला ना कोठी मांगते,

हम तो तेरे चरणों की भक्ति मांगते,

ना सोना ना चांदी ना मोती मांगते,

हम तो तेरे भवनों की भक्ति मांगते........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।